जश्न-ए-जज़्बात

जश्न जज़्बातो का

आवारा दिल

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  ढलते थे आफताब के सायें जहाँ तेरी कुर्बत में उन शामो के इंतज़ार में मेरी शामें अब आवारा है | वो राते जिनमे…

कुछ अनकही बातें

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बहुत दुःख है इस बात का कि जिस तरह, मैंने तुम्हें अपनी सारी खुशियां, अपना सारा प्यार, और अपनी सारी जिंदगी देने की गलती…

इश्क़ मुबारक

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नजाने किस दौर में उल्फत कर बैठे हम जिसकी बदौलत आज दिल बंजर और आँखे है नम |   ज़िन्दगी भी खेल अजीब से…