चन्द्रमा और रोहिणी

सुनती आई हु इन् सितारों की कहानी

एक था चन्द्रमा एक थी रोहिणी |

प्यार था इन् में इतना

है बादलो को फिज़ाओ से जितना |

पर ए दिल तू ही बता

कभी प्रेमकहानी कोई पूरी हुई है क्या?

अहंकार से जुदा हुए दो दिल

उस दिन बोहोत रोये

भगवान् शिव के आशीर्वाद से

वह दुबारा मिल पाए

टूटा दिल फिर जोड़ पाए |

२८ दिन में सिर्फ एक बार मिलते थे

जितनी दूरी उतना प्यार भी था|

आज तुझ में और मुझ में उतनी ही दूरिया है

जितनी चन्द्रमा और रोहिणी में थी|

काश तेरी मेरी कहानी में भी कोई शिव सा होता

जो हमारे टूटे रिश्ते को बिखरने से बचा लेता|

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